व्यायाम 2 / 13 · 32 गिनती · 腕を振って脚を曲げ伸ばす運動
घुटने मोड़ते हुए बाँहों के झूले
ढीले झूले, आराम से मुड़ते घुटने — यह दिनचर्या का ताल-वाद्य है।
दोनों बाँहें पेंडुलम की तरह आगे-पीछे झुलाइए और साथ में घुटनों को ताल से मोड़िए-सीधा कीजिए।
कैसे करें
- दोनों बाँहों को कंधे की ऊँचाई तक आगे झूलने दें, फिर पीछे ले जाएँ।
- बाँहों के झूले के साथ घुटनों को हल्की, स्प्रिंग-जैसी बैठक में मोड़ें।
- बाँहें उठते ही सीधे हो जाएँ; एड़ियाँ हल्की रखें।
- गिनती के साथ एक-दो की स्थिर ताल में दोहराएँ।
साँस: ताल के साथ सहज साँस लीजिए — उछाल ही रफ़्तार तय करती है।
यह क्या करता है
- हल्के, तालबद्ध भार से कंधों को ढीला और जाँघों को गर्म करता है।
- वही ढीली, स्प्रिंग-जैसी लय सिखाता है जो पूरी दिनचर्या में चलती है।
आम गलतियाँ
- गहरी बैठक लगाना — घुटने बस हल्के मुड़ते हैं, यह उछाल है, स्क्वैट नहीं।
- अकड़ी हुई बाँहें: झूलने का काम गुरुत्वाकर्षण को करने दीजिए।
सवाल
घुटने कितने मोड़ने चाहिए?
बस कुछ सेंटीमीटर — एक नरम स्प्रिंग। रेडियो ताइसो हर उम्र के लिए बना है, इसलिए जोड़ों पर भार हमेशा हल्का और तालबद्ध रहता है, कभी भारी नहीं।
क्या यह व्यायाम बैठकर हो सकता है?
हाँ। बाँहें झुलाइए और पैरों को ताल से फ़र्श पर दबाइए। बैठकर किया जाने वाला रेडियो ताइसो एक आधिकारिक परंपरा है, जो स्कूलों और देखभाल-गृहों में अपनाई जाती है।
रेडियो ताइसो हल्का ज़रूर है, पर है तो व्यायाम ही। अगर आपको कोई बीमारी है, चोट है, या कोई भी शंका है, तो शुरू करने से पहले किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।